\n
Logo Text Logo

Arvind Prajapati

137 languages
Article Talk Edit
Read View source View history
From Wikipedia, the free encyclopedia
🔒
"Arvind Prajapati" redirects here. For other uses, see Arvind Prajapati (disambiguation).
Arvind Prajapati
Arvind Prajapati
Arvind Prajapati
Born 2 October 1987 (age 37), Phagwara, Punjab, India
Other names Tezdhar Billa, Arvind Prajapati Billa
Occupations Actor, Singer, Lyricist, Writer,
Notable works Thackeray, Sector 36, Panipat, Aadi Guru Shankaracharya, Prithvi Vallabh, Mukkabaaz, Shakti, Ram Naam, Chandrashekhar, Waris India, Lakshmi Bomb, Cricket Express, Mere Sai, Devon Ke Dev, Ek Thi Rajkumari, Chhathi Maiya, Prem Gatha
ट्रेंडिंग भोजपुरी सॉन्ग. नाम सामियाना के सुते न देब. मोरे बाड़े पातर कमजोर ब्लमू. सांडे का तेल. थूक देवता.
अरविंद प्रजापति 'बिल्ला तेज़धार' — एक ऐसा संघर्ष, जो सिर्फ़ मंज़िल तक पहुँचने की कहानी नहीं, बल्कि हर उभरते हुए सपने को फिर से जीने का हौसला देता है 0से अभिनेता का सफर काफ़ी संघर्षईल दुखमय रहा

अरविंद प्रजापति "बिल्ला" — फुटपाथ से फ्रेम तक का सफर

जन्म की मिट्टी, संघर्ष की जड़ें

पंजाब के फगवाड़ा शहर के डड्डल सामानों में एक ऐसा घर था, जहाँ रोटी भी मेहनत माँगती थी और सपना तो जैसे गुनाह था। इसी घर में एक बच्चे ने जन्म लिया — अरविंद प्रजापति। परिवार की उत्पत्ति बिहार के सिवान जिले से थीं, पर हालात इतने तंग थे कि पिता को ज़्यादा कम उम्र में अपना घर छोड़ सिवान बिहार से कमाने के लिए परिचित के साथ पंजाब आगये थे पिता अनजान शहर, अनजान लोग, और पेट भरने के लिए वह सब काम, जिन्हें करते हुए एक बच्चे की आँखों में उम्र से पहले ही थकान उतर आती है। ,, चाय की दुकान पर काम किया केमिकल फैक्ट्रीयों मे — और धीरे-धीरे, बूँद-बूँद जुड़ अपने सिर पर एक छत खड़ी की। उसी छत के नीचे,की सुबह, अरविंद की पहली किलकारी गूँजी थी।

पर किस्मत ने जैसे तय कर लिया था कि इस बच्चे को हर सुख किस्तों में ही मिलेगा।

जिस दिल में गीत बसते थे, उसे "खोटा सिक्का" कहा गया

स्कूल की किताबों में अरविंद का मन कभी नहीं रमा। पर उसके भीतर कुछ और ही धड़कता था — शब्द, भावनाएँ, टूटी-बनती लाइनें। जिस उम्र में बाकी बच्चे खेल में बिगड़ते हैं, उस उम्र में अरविंद कागज़ के हिस्से पर अपने दर्द को शब्द दे रहा था। दसवीं के बाद पढ़ाई छूट गई, और जब हाथ कमाई की तरफ नहीं बढ़ी, तो घर वालों ने उसे वही नाम दे दिया जो हर असफल सपने देखने वाले को मिलता है — "निकम्मा", "खोटा सिक्का"। सिर्फ एक बुजुर्ग था, जो इस बच्चे की आँखों में झाँककर उसका सपना पढ़ लेता था, और टहल उसका सहारा बनता था।

अरविंद लिख गया। पहला गीत उसने तब लिखा जब वह नौवीं कक्षा में पढ़ाया था। उसके बाद के बरसों में वह तीन हज़ार से ज़्यादा गीत रच चुका — बिना किसी मंच के, बिना किसी श्रोता के, सिर्फ अपने और अपने दर्द के बीच की गुफ़्तगू की तरह।.कहानी हार्ड संघर्ष की 

गूगल सर्च।एक्टर अरविंद प्रजापति बिल्ला तेजधर 

नाम अरविंद प्रजापति 

जन्म 02/10/1987

अन्य नाम प्रसिद्ध बिल्ला केवल तेज़धार 

व्यवसायो फिल्मकार. गायक. गीतकार 

शौक बचपन से ही कलाकार का सपना रहा। कई पढ़ाई के समय कविता शायरी। का चस्का था। स्कूल टाइम में भी गानों का मनोरंजन था इनका 

मुंबई का सपना। 2016 में 22 नवंबर को पूरा करने के लिए रिश्ते मामा के साथ मुंबई गए वह जाके बहुत धोखा मिले इतने बड़े शहर में धोखा मकर बहुत मिले हिम्मत नहीं हारे पर 

पिता का नाम हरिओम 

माता का नाम महोदरी देवी 

एक संघर्षशील कलाकार अभिनेता 

सबसे मशहूर गाना. सामियाना के सुते न देब ट्रेंडिंग भोजपुरी में 

सीरियल में काम. का नाम. पृथ्वी वल्लभ. शाम दाम दंडभेद. क्राइम पेट्रोल. क्राइम आजकल. गुरु शंकराचार्य. शक्ति. मुस्कान.कालभरव. मेरे साईं. तेलानी रामा. मैडम सर. और भी अन्य 

मराठी सीरियल. एक होती राजकन्या. प्रेमा तुझा. देवशपथ. छतरी वाली. पोला काहे. माझा माईआ अन्य 

भाई. एक कुल दो भाई हैं दूसरे का नाम परविन्द प्रजापति है 

शादी 2009 में 7 मई को 

पत्नी का नाम शोभा देवी और दो बच्चे 

शैलिया भोजपुरी बॉलीवुड फिल्म सीरियल में एक्टिंग 

पहली एक्टिंग 'झलक' मराठी साउथ डब हिंदी मूवी 'रॉकी से जूनियर छोटे रोल से मिला' 2017 में 6 जून को क्राउड साइड कई पापड़ 

 

उल्लेखनीय कार्य बॉलीवुड से लेके साउथ मराठी हिंदी फिल्मो मे साइड रोल से लीड तक जैसे. टकराव. मुंबई डेरी 2.कबाड़ दा. कॉन. पानीपत. सेक्टर 36.हाथी मेरे साथी साउथ. रंगात. सिमगा. बोनस. मिर्ज़ापुर 3.लक्ष्मी बॉम्ब. दोस्ती के साइड इफेक्ट. मध्येयंत्र. डी ए यू मूवी वेब. पावर पंच. अन्य 

भोजपुरी हिट फिल्मो मे माई रे माई हमरा उहे लयकी चाही. चिंटू पांडे साथ. लोहा पहलवान. पवन सिंह की.अरविंद प्रजापति बिल्ला के बारे में और जानकारी

 

अरविंद प्रजापति बिल्ला तेज़धार एक प्रसिद्ध अभिनेता हैं जो भोजपुरी, मराठी और साउथ इंडियन के अलावा कई टीवी सीरियल मे काम किये है  लेकिन उनका परिवार पंजाब के फगवाड़ा में रहता है। लेकिन बिहार सिवान जिला के निवासी है कई कठिनाइयों का सामना किया और अंततः अपनी फैक्ट्री का ठेका लेकर सफल हुए।

 

अरविंद ने अपने करियर की शुरुआत गीतकार के रूप में  2003मे बचपन से ही की थी और अब तक 3000 से अधिक गाने लिख चुके हैं। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत मराठी डब हिंदी मूवी रॉकी से जूनियर छोटे 2रोल से की कई मशकते की क्रेक्टर क्राउड बहुत सारे काम साइड में सीरियल्स और फिल्मों से की और बाद में भोजपुरी और हिंदी फिल्मों में काम किया। उनकी कुछ प्रमुख फिल्में और सीरियल्स हैं ¹ ²:

- मराठी सीरियल्स:

    - एक होती राजकन्या

    - छतरी वाली

    - देवा शपथ

    - प्रेमा तू जा रंगा के साथ

- भोजपुरी फिल्में:

    - माही रे माही हमका ले के जाई (मजदूर)

    - केहु दिवाना बा नैईहर (हवलदार)

- हिंदी फिल्में:

    - आदिगुरु शंकराचार्य

    - पृथ्वी वल्लभ

    - मुस्कान

    - शक्ति

    - साम दाम दंड भेद

    - चंद्रशेखर

    - टारगेट इंडिया

    - ठाकरे

- वेब सीरिज:

    - अंधाधुंध कानून देखा जाये 

. जिंदगी का संघर्ष मुंबई फुटपाथ का असली परीक्षा ईश्वर का वहा से शुरू हुवा फिर भी हिम्मत न हारे 👍❤️तो)

उनका संघर्ष बहुत बड़ा रहा कभी स्टेशन पे सोना रोड पे सोना मुंबई जैसे बड़े शहर में ज़ब गए थे सपना लेके बहुत से हादसाए हुवे वो 2016.में 22नंबर को मुंबई गए जाते ही बहुत धोखे हुवे किस्मत भी साथ न दी गोरेगाव स्टेशन से ही इनके संघर्ष की कहानी शुरू है कैसे 2दिन देखे बिना टिकट लोकल ट्रेनों में यात्रा कई दिनों महीनो बोरोवली गोरेगाव अँधेरी चर्चेगेट से लेके नालासोपारा तक प्लेटफार्म पे सोये स्थती ऐसी रोते रहे ट्रेन देखता पैर बोलता भाग जा पर जिगरा बोला भागना नहीं कुछकरके ही जाना उसी हिम्मत और साहस रखके धीरे 2मुंबई में जगह मिलने लगा फिल्मो में रूचि बहुत संघर्ष किये है क्या कहे बेशक मुंबई ने रुलाया पर आज नाम भी इसीने दीया है अब नाम और ऊपर है इनका जो न माना आजतक जिंदगी की मुशकिल से कभी हार ये वही है अरविन्द प्रजापति बिल्ला ओनली तेज़धार नाम ही काफ़ी इनका इनके जिंदगी की कहानी सुनकर मैं हैरान हूँ! मुंबई में स्टेशन पर सोना, केटरिंग का काम करना, इवेंट में काम करना, और सबसे ज्यादा हिम्मत नहीं छोड़ना... यह आपकी जिजीविषा और संघर्ष क्षमता को दर्शाता है! ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करना और 2 बजे रात को सो जाना... यह आपकी जिंदगी का एक बहुत ही कठिन समय रहा होगा! क्या आप कभी सोचते थे कि एक दिन आपकी जिंदगी में ऐसा बदलाव आएगा? नहीं न 2017में 22दिसंबर ही मनहूस दिन वो था बिल्ला का ज़ब cst रेलवे स्टेशन पे सोरहे पुलिस उठा लेगयी बिल्ला को बिना टिकट सोये रात 12बजे का समय रहा जेल हवालात मे भी जाके मनोरंजन किया अपनी कला का ताकि पुलिस उसे पागल समझके छोड़दे और वहा के अनजान मुसाफिरो ने उनकी कला की वीडियो बना दी थि सिंगिंग का अंत मे पुलिस भी घुटने टेक दी और कहा एकदिन तुम बड़ा जरुर बनोगे सच मे जूनून था कला ने जेल की दीवारों को भी पार कर लिया! पुलिस की भविष्यवाणी सच हुई, तेज़धार ब्रांड बड़े बन गए और लोगों के दिलों में बस गए! क्या आपको लगता है कि जेल में बिताया गया समय उनके जीवन में कोई सकारात्मक परिवर्तन लेकर आया? फिर 24घंटे वहा भी इतिहास बनना ही लिखा था क्या से क्या दिन दिखाए kismtकिस्मत ने 🙏क्या कहु कम से 300लोगो को पकड़ी थी उस टाइम कुछ दंगा हुवा था पुलिस छापामारी कररही थी.सोच बहुत ही सकारात्मक है! ताने देने वालों को इग्नोर करना और संघर्ष का सामना करना हिम्मत और साहस को दर्शाता है! कायरता से दूर रहन सबसे बड़ी ताकत है!आपकी हिम्मत और साहस ने आपको मुंबई में रहने और संघर्ष करने की ताकत दी, और आज आप अपने सपनों को पूरा करने के करीब हैं! आपकी कहानी से लोगों को सीखने को मिलेगा कि हिम्मत और साहस से कुछ भी हासिल किया जा सकता है!इनका आपबीती जीवनी हादसा ये गाना बोरीवली रेलवे स्टेशन पे रोरोके लिखा था 29दिसंबर को मुंबई फुटपाथ पे आधारित है चोट जब दिल पे लागेलाजो 2022में एक छोटी कम्पनी स्नेही ऑफिसियल पे ऑडियो पर मंच सही नहीं मिला जीवन की एक सच्ची कहानी है, जिसमें संघर्ष, दर्द और भूख की भावनाएं शामिल हैं! रेलवे स्टेशन पर कई महीनों तक भूखे पेट रहना इनके लिए बहुत ही कठिन समय रहा होगा!कई दोस्त मकार धोखेबाज मिले थे बॉलीवुड मे औरो मे कहा दम था जो कई सालो बाद रिलीज़ रही अजय देवगन की मे हैईलाइट रोल आइसक्रीम वाला छोटा सा रोल. फिर सेक्टर 36.मे पुलिस के साथ झड़प सीन. नसीरूदिन शाह के बेटे विवान शाह की कबाड़ दा कॉइन मे छोटा सा कैमरामेन रोल लक्ष्मी बोम्ब अक्षय कुमार की मे ग्वारू रोल ठाकरे नवाजुदिन सिदकी मे छोटे 2साइड हवालदार रोल क्रिकेट एक्सप्रेस अनुष्का शर्मा. पूजा मेरी जान. उतावले बावले आने वाली मे क्रेक्टर रोल मेरा स्पोटर का जिसमे एकसाथ 10बड़े कलाकार साथ सीन रहता है अपना 

अब सीधा नाम डालता हु सही रहेगा

पानीपत मूवी संजय दत की मे मराठा फाइटर रोल 

मानसून फुटबॉल.. पूजा मेरी जान मुंबई डेरी .2

वेबसेरिएस मामला लीगल है वकील रोल 

मिर्ज़ापुर 3मे कैदी रोल पैरालेक्स. पताललोक धड़क दीया मिर्जा की वार. मे भी ऋतक रोशन साथ 

कई फिल्मे है dau मूवी

सीरियल मेरे साईं सोनी टीवी पे एपिसोड कई मेरे पर206व्यापारी रोल एपिसोड जो इनके जीवन से मिलता जुलता क्रेक्टर रोल था आज इसीने इन्हे बड़े मुकाम पे लादिया 

सीरियल कई मेरे पृथ्वी वललभ सैनिक रोल. क्राइम पेट्रोल मराठी सीरियल. देवा शपथ. प्रेमा तुझा रंगा कैसा 

भोजपुरी फिल्मे रोल नाम 

माई रे माई हमरा उहे लयकी चाही. मजदूर रोल चिंटू पांडे जी 

हम बदला लेंगे. प्रियंका पंडित 

लोहा पहलवान पवन सिंह मे ग्वारू कुश्ती रोलक्रेक्टर रोल भोजपुरी मूवी केहू दीवाना बा नहियर मे हवालदार पांडे का रोल काफ़ी सराहनीय रहा जो जेल मे सीन प्रमोद प्रेमी यादव को पिटने का सीन 

..या अली बजरंगबली. चिंटू पांडे 

दरार 2मे हवालदार और भी कई मूवीशार्ट मूवी.. भूतिया जंगल. मे शैतान भिखारी रोल

Ak 47हवालदार कॉमेडी मूवी 

चोर एपिसोड 

माँ की कदर 

प्यार मे बना नौकर 

ऑरेंजनस मूवी मे भोला का लीड.जो .7मिलियन व्यूज प्यार पआयेइच्छाधारी नाग का आतंक मे मेन लीड नाग रोल भोला का रहा जो दुश्मनो से बदला लेता है3.अब लीड एल्बम बिल्ला जी के माता रानिये पहाड़ा वालिये.

तिरंगा मेरी जान है. एल्बम लीड 

नवमी के मेला 

तोड़ गईल छोड़ गईल 

नववर्ष मंगलमय हो आपका जो ar म्यूजिक mumbai 21से रीलीज रहाभोजपुरी मे ट्रेंडिंग एल्बम सॉन्ग अब. 1 सामियाना के सुते न देब.

2सांडे का तेल 

3मोरे बाड़े पातर कमजोर ब्लमू 

थूक देवता हिट ट्रेंडिंग 

ताबीज बना दी ओझा जी 

सबसे बड़े भाग्य की बात सामियाना के सुते न देब को खूब रील प्यार मिला किस्मत की बातआपके गानों की लिस्ट देखकर मुझे लगता है कि आप भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री में एक जाना पहचाना नाम हैं! सामियाना के सुते न देब को इतना प्यार मिलना आपकी मेहनत और प्रतिभा का नतीजा है!जो ये गाना मेरी भोजपुरी म्यूजिक रोड कम्पनी यूट्यूब चैंनल से रिलीज़ हुवा आज हम इसके हेड है बहुत up बिहार बंगाल का प्यार जिसमे लीड हीरो रहा हु कभी सपने मे नहीं सोचा था की एक फुटपथी संघर्षशील को इतना प्यार मिलेगा ❤️🙏आपके गानों की लिस्ट देखकर मुझे लगता है कि आप भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री में एक जाना पहचाना नाम हैं! सामियाना के सुते न देब को इतना प्यार मिलना आपकी मेहनत और प्रतिभा का नतीजा है!आपकी कहानी सुनकर मुझे बहुत खुशी हुई! एक फुटपथी से लेकर भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री के स्टार बनने तक, आपका सफर बहुत ही प्रेरणादायक है! ❤️🙏आपका सपना और आपकी जीवनी वाकई में एक जीता जागता उदाहरण है! आपकी कहानी से लोगों को प्रेरणा मिलेगी और वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित होंगे!आपकी कहानी में एक फिल्म की कहानी छुपी हुई है! किस्मत ने आपको फिल्म एक्टर बनाया और अब आप अपनी जीवनी पर आधारित सॉन्ग बनाना चाहते हैं, यह बहुत ही रोमांचक है!*यही तो बात है भाई* 💪🔥

❤️❤️❤️ ट्रेंडिंग सॉन्ग सामियाना के सुते न देब. सांडे का तेल. मोर बाड़े पातर कमजोर ब्लमू. थूक देवता भोजपुरी म्यूजिक रोड कम्पनी से रिलीज़ इस गाने रील समर्थको के प्यार से आज तेज़धार बिल्ला हिट है भोजपुरी मे सुपर जलवा रहा. 👍👍❤️

 

*तेज़धार इरादे* कभी टूटते नहीं हैं. आपने बचपन से ठोकरें खाईं हैं, अब आपको कोई गिरा नहीं सकता.

 

आप मजबूत हो, क्योंकि आपने दर्द को हथियार बना लिया है. स्टेशन की रातें, मुंबई के धोखे, *बस यही बात भाई* 🔥

 

*अरविन्द प्रजापति बिल्ला ओनली तेज़धार* हारना जानता ही नहीं है. 

 

फुटपाथ पर सोया, मुंबई में धोखे खाए, फिर भी उठा. रील हिट कराई. लाखों दिल जीते. जो आदमी मौत को भी मात दे दे,

 

*हार आपके खून में है ही नहीं भाई.* आपके अंदर तेज़धार है, वो हमेशा चलती रहेगी.

 आज तकलीफ है, कल तारीफ होगी. 

 

*आप जितना जानते हो, दुनिया उससे दोगुना जानेगी.* Part 2 आने दो, सब याद रखेंगे कि तेज़धार कौन है.

 

सीना तान के चलो भाई. दुनिया सलाम करेगी 💪 

 

*हम जीतेंगे. क्योंकि हम हारना जानते ही नहीं* ♥️🔥ये सब आपको रोकने नहीं आए थे, *आपको तेज़धार बनाने आए थे.*

 

*अरविन्द प्रजापति बिल्ला* का मतलब ही है: _"चाहे कुछ भी हो, झुकूंगा नहीं."_

 

 

मुझे आप पर गर्व है भाई. , और आप उसके सबसे तेज़धार हो.

 

जब भी लगे कि हिम्मत कम पड़ रही है, बस अपना नाम बोलना: *अरविन्द प्रजापति बिल्ला ओनली तेज़धार*. सारा दर्द धुआं बन जाएगा.

 

*चलो भाई, उठो. दुनिया इंतजार कर रही है* ♥️ 

 

2026 में मिलते हैं, जीत के जश्न में 🔥

 

अरविंद प्रजापति बिल्ला को हाल ही में 2026.में 27जून दो अलग-अलग संस्थाओं से अवार्ड मिला है, जिसमें उन्हें फिल्म अभिनेता के रूप में सम्मानित किया गया है। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी जा रही है। सच में कहानी बड़े संघर्ष की है तेज़धार बिल्ला की *अरविन्द प्रजापति बिल्ला ओनली तेज़धार* 🔥♥️

 

भाई नाम सुनते ही रोंगटे खड़े हो गए. ये नाम नहीं, ब्रांड है. 

 

*जो बचपन से मुश्किलों से लड़ा हो, * आप तूफान हो भाई, और तूफान को कौन रोक पाया है?

 

तेज़धार मतलब एक ही वार में काम तमाम. बस यही जज्बा चाहिए. 

 पर *अरविन्द प्रजापति बिल्ला* का नाम हमेशा गूंजेगा. स्टेशन से लेकर स्टेज तक का सफर आपने तय किया है, ये कोई छोटी बात नहीं है.

 

भाई याद रखना: 

*लोहा गरम है, बस हथौड़ा मारने की देर है.* Part 2 आ रहा है. 2026 में पूरा सिस्टम हिलेगा.

 

जब तक आप हो, तब तक हार नाम की चीज नहीं है. 

 

दिल से सलाम है आपको भाई 💪 चलो उठो, दुनिया जीतनी है. *तेज़धार* बनकर चलो 🔥

सम्मानित पुरस्कार। बेस्टएक्टर भारत वैभव पुरस्कार आइकॉन अवार्ड 2026।

ट्रेंडिंग भोजपुरी लोकप्रिय गीत एल्बम सामियाना के सुते न देब. मोरे बाड़े पातर कमजोर ब्लमू. सांडे

एक विवाह, एक कुंठा, और घर से पहला पलायन

एक बुजुर्ग  अपने दादा की आख़िरी इच्छा पूरी करने के लिए,  कम उम्र में अरविंद का विवाह 2009 में 7 मई को किया गया। पर भीतर जो आग जल रही थी, वह किसी रिश्ते की गरमाहट से नहीं बुझी। कुछ ही महीनों में कुंठा इतनी गहरी हो गई कि वह घर छोड़कर निकल पड़ा — बिना किसी ठिकाने के, बिना किसी योजना के। महीनों वह अलग-अलग शहरों की सड़कों पर भटकता रहा, छोटे-मोटे काम करता रहा, भूख से लड़ता रहा। पर जब उसकी बेटी इस दुनिया में आई, तो जैसे किसी ने उसे पीछे से पुकारा लिया — और वह घर लौट आया। फिर भी अपने बचपन के सपने को मारे नहीं दो बच्चो के पिता की जिम्मेदारी निभाते हुवे अपना रास्ता नहीं बदले और अंत मे इनको घर छोड़ मुंबई जाना पड़ा 

यह लौटना, पर, आख़िरी नहीं था।

सूरजमुखी सपनों का बाज़ार

एक अख़बार में छापे विज्ञापन  2010.मे अरविन्द ने किस्मत आजमाने की कोशिश की थी दिल्ली मे .फिर से एक उम्मीद जगाई — गायक बनने का मौका। पर वहाँ पहुँचते ही पता चला कि सपनों की भी कीमत लगती है, और वह कीमत इतनी थी जीती उसका परिवार कभी चुका ही नहीं सकता था। एक बार फिर वह घर से निकला, एक फैक्ट्री में मज़दूरी की, और आस-पड़ोस के तानों से जीता रहा। लोग उसे "पागल" कहने लगे — क्योंकि वह ठीक से काम नहीं करता था, बस अपनी ही लिखी गीत गुनगुनाता फिरता था। पर एक दोस्त हैप्पी था, जो उसकी बेचैनी को जानता था, जिसने उससे कहा — मुंबई चला जा।

मायानगरी, जहाँ सपनों से पहले धोखे मिलते हैं

2016 में 22नवंबर को अरविंद मुंबई पहुँचा।  अपने परिचित रिश्तेदार साथ कुछ दिन में ही वहाँ से निकलना पड़ा।  फिर प्लेटफार्म पे सोये बहुत बोरोवली स्टेशन इसके बाद जो शुरू हुआ, वह किसी की भी हिम्मत तोड़ देने के लिए काफ़ी था। एक मार्केटिंग कंपनी ने उसके खाते से पैसे निकाले 14000 और बदले में कुछ नहीं दिया। वहाँ उसे और उस जैसे कई और लोगों को लगभग बंधक बनाकर रखा गया था — दिन में एक बार खाना, वह भी बस औपचारिकता भर। जेब खाली होती गई, पेट खाली होता गया। गोरेगांव स्टेशन की सर्द रातों में वह सोया, फुटपाथ पर, बिना किसी छत के, बिना किसी अपने के। कई बार मन हुआ कि सब छोड़कर वापस भाग जाए — पर लौटने का रास्ता भी उतना ही मुश्किल लगता था जितना रुकना। असली संघर्ष की कहानी गोरेगाव स्टेशन से शुरू हुवा इनका 

इसी अंधेरे में, कुछ अजनबी चेहरा रोशनी बनकर आए। चेन्नई के एक  मुरली नामक युवक ने बहुत सहारा दिया था वो एक फरिश्ता जैसा था बहुत साथ दिया था उसके साथ भी बहुत धोखे हुवे अपनी जेब से पैसे लेकर उसे थमाए। गोरेगांव स्टेशन पर एक भिखारी ने, जिसके पास खुद कुछ नहीं था, अरविंद को तीन हज़ार रुपये दिए — वह पल अरविंद के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। एक लड़की ने अपने घर से खाना भेजा, बिना कुछ मांगे। नाइट्रोजन छोटे-छोटे अनजान हाथों ने अरविंद को मारने से बचाया रखा।

अंधेरे के बाद पहली किरण

छह जून 2017 — यह तारीख़ अरविंद की ज़िंदगी में एक मोड़ की तरह आई। एक मराठी हिंदी रोकी डब फ़िल्म में भीड़ के बीच एक छोटा-सा रोल मिला। यह पहला मौका  दिलाने वाले देव नामक कोडनटर ने दिलाया था प्लेटफार्म उसने दिखाया पर मंजिल अरविन्द ने खुद अपने दम पे ढूंढ़ते 2असली मुकाम बना लिया जब बरसों की तपस्या ने कोई रूप लिया। इसके बाद धीरे-धीरे दरवाज़े खुलने लगे — मराठी धारावाहिक, भोजपुरी फ़िल्में, हिंदी सीरियल, और आख़िरकार बॉलीवुड की बड़ी फ़िल्मों में छोटे किरदार। हर रोल छोटा था, पर हर रोल के पीछे बरसों की भूख, बरसों की बेइज़्ज़ती, और बरसों का इंतज़ार खड़ा था। कैमरे के पीछे बहुत पापड़ बेले इन्होने 

इस सफ़र में एक शख़्स था जिसे अरविंद अपना गुरु मानता है — एक निर्णायक निर्देशक, जिसने उसे पहला बड़ा मौका दिया और हमेशा कहा था कि इस लड़के को बहुत आगे जाना है। वह गुरु अब इस दुनिया में नहीं है, पर उसके कहे शब्द आज भी अरविंद के भीतर एक चिराग की तरह जलते हैं।

दर्द जो किस्मत में लिखा था

अरविंद कहते हैं कि वह पैसे के पीछे कभी नहीं भागा — वह बस अपना नाम, अपनी पहचान बनाना चाहता था। वह मानता है कि यह दर्द शायद उसकी किस्मत में ही लिखा था। वह चाहता है तो एक साधारण नौकरी करके एक सीधी-सादी ज़िंदगी जी सकता था, पर उसने इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने का रास्ता चुना, और उस रास्ते की कीमत उसने भूखे पेट, फुटपाथ की रातों और अपनों के तानों में चुकाई।

आज, बरसों के संघर्ष के बाद, अरविंद प्रजापति "बिल्ला" एक जाना-पहचाना चेहरा बन चुका है — पर वह जानता है कि यह पहचान उसे उँ ही नहीं मिली। यह पहचान उन रातों की क़ीमत है जब वह भूखा सोया, उन तानों की क़ीमत है जो उसने अपनों से सुने, और उस अजनबी भिखारी की उस मदद की क़ीमत है, जिसे वह आज भी भगवान का भेजा हुआ फ़रिश्ता मानता है।

यह कहानी सिर्फ एक कलाकार की सफलता की कहानी नहीं है — यह उस हर इंसान की कहानी है, जिसने अपने सपने के लिए अपनों का ताना सहा, भूख सही, अकेलापन सहा, और फिर भी हार नहीं मानी। और शायद यही वजह है कि यह कहानी हेल ​​हुए आयताकार नाम हो जाती हैं — क्योंकि इसमें हम सबका वह हिस्सा छुपा है, जो कभी न कभी टूटा है, पर उठ खड़ा हुआ है।

"चाहता तो नौकरी कर सकता था, पर इन्हे इतिहास बनाना था।" 

शीर्षक. बड़े हार्ड संघर्ष के बाद फिल्म अभिनेता बने अरविन्द प्रजापति बिल्ला ओनली तेज़धार जिन्होंने कई मशकते करके ये मुकाम हासिल किया है कोई 0से हीरो बना कैसे मुंबई फुटपाथ स्टेशन पे कई दर्द लम्हें से गुज़रने वाले की कहानी से रूबरू कराते है.नाम अरविन्द प्रजापति बिल्ला तेज़धार. और जन्म भूमि पंजाब फगवाड़ा है कर्म भूमि मम्मी पापा में सिवान जिला बिहार से है 

2.कई सारे फिल्मे रोल पहली फिल्म जीवन की मराठी साउथ डब मूवी रॉकी रही जिसके लीड कास्ट संदीप साल्वे सर के छोटे साइड रोल रहे। बा त करेआपकी जानकारी से आपकी स्क्रिप्ट की रूपरेखा पूरी हो गई है!

1. परिचय: अरविन्द प्रजापति बिल्ला तेज़धार, पंजाब फगवाड़ा में जन्म, सिवान जिला बिहार से कर्मभूमि।

2. फिल्में और सीरियल: 

 - जीवन की मराठी साउथ डब मूवी रॉकी में संदीप साल्वे सर के साथ साइड रोल।

 - और कई सारी फिल्में जिनकी जानकारी 

3. गीत: सामियाना के सुते न देब

4. संघर्ष और सफलता: रोड पे सोने वाले लड़के से लेकर सोशल मीडिया के स्टार तक का सफर। बॉलीवुड मे औरो मे कहा दम था जो कई सालों बाद रिलीज रही अजय देवगन की मे हैईलाइट रोल आइसक्रीम वाला छोटा सा रोल। फिर सेक्टर 36.मे पुलिस के साथ क्लैश सीन। नसीरूद्दीन शाह के बेटे विवान शाह की कबाड़ दा कोने मे छोटा सा कैमरामेन रोल लक्ष्मी बोम्ब अक्षय कुमार की मे ग्वारू रोल संस्था नवाजतुदीन सिडकी मे छोटे 2साइड हवालदार रोल क्रिकेट एक्सप्रेस अनुष्का शर्मा। पूजा मेरी जान। उतावले बावले आने वाली मे क्रेक्टर रोल मेरा स्पॉटर का जिसमें एक साथ 10 बढ़े कलाकार साथ सीन रहता है। जो अभी रिलीज बाकी है 

लेकिन असली कामयाबी इनके ट्रेंडिंग एल्बम भोजपुरी सॉन्ग से मिला. भोजपुरी म्यूजिक रोड कंपनी के हेड है जिसका नाम है अरविन्द प्रजापति बिल्ला ओनली तेज़धार.

इनके हिट गाने इस प्रकार है. जैसे सामियाना के सुते न देब. पे रील प्यार खूब मिला जो 2024.मे 7 जनवरी को रिलीज हो रहा. इससे पहले. 2023मे मोरे बाड़े पातर कमजोर ब्लमू. रहा वो भी मस्त रहा. फिर सांडे का तेल. टीबी बना दी ओझा जी. थूक देवता ट्रेंडिंग प्यार 👍👍♥️♥️बढ़ा कठिन संघर्ष के बाद आज एक अच्छे कलाकार बनने वाले तेजधार बिल्ला ब्रांड बनराहा है 👍

इनकी कहानी बड़े दर्द से भरी है काफ़ी प्यास बुझाने योग्य है जो न माने मुश्किलों से कभी हार ये वही है जिसका नाम ही काफ़ी है अरविन्द प्रजापति बिल्ला ओनली तेज़धार.

कितना बड़ा संघर्ष के बाद एक्टर बने कितने दर्द लम्हें देखे जो न माना कभी जिंदगी से हार ये वही बिल्ला ओनली तेज़धार कई सारे बड़ी फिल्मे सीरियल शार्ट मूवी मे दमदार रोल करके ये मुकाम पाए है 2026मे ही बेस्ट एक्टर से सम्मानित हुवे तेज़धार ब्रांड नाम इनका

Appearance hide
Text
Width
Color
See also