डॉ. राम नरेश शर्मा
निर्भीक पत्रकार • समाजसेवी • कृषि शोधकर्ता
8वाँ BCR अवार्ड 2019, नई दिल्ली — मल्टी टैलेंट पर्सनैलिटी श्रेणी में सम्मानित
परिचय
भारत की मिट्टी ने समय-समय पर ऐसे व्यक्तित्वों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने ज्ञान, कर्म और साहस से समाज को नई दिशा दी है। डॉ. राम नरेश शर्मा उन्हीं प्रेरणादायी व्यक्तित्वों में से एक हैं। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के रायपुरा ग्राम में जन्मे डॉ. शर्मा ने अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज के उत्थान, निष्पक्ष पत्रकारिता और जनहित के लिए समर्पित कर दिया।
गाँव की मिट्टी से जुड़ाव, सीमित संसाधनों के बीच पला-बढ़ा बचपन और संघर्षों से भरी शुरुआती ज़िंदगी — इन सबने डॉ. शर्मा के भीतर एक ऐसी संवेदनशीलता विकसित की जो आज भी उनके हर लेख, हर कार्य और हर निर्णय में झलकती है। उन्होंने प्रारंभ से ही यह अनुभव किया कि ग्रामीण भारत की असली समस्याएँ शहरों की चकाचौंध में अक्सर अनसुनी रह जाती हैं, और यही अनुभव आगे चलकर उनकी पत्रकारिता की दिशा तय करने वाला बना।
वे एक ऐसे पत्रकार हैं जो मानते हैं कि कलम केवल शब्द नहीं लिखती, बल्कि समाज का भविष्य भी गढ़ती है। उनके लिए पत्रकारिता कोई पेशा मात्र नहीं, बल्कि एक मिशन है — एक ऐसा माध्यम जिसके ज़रिए वे आम आदमी की आवाज़ को सत्ता के गलियारों तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।
शिक्षा एवं पृष्ठभूमि
शुरुआत से ही शिक्षा के प्रति उनकी गहरी रुचि रही। सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई कभी बाधित नहीं होने दी और निरंतर आगे बढ़ते रहे। उन्होंने मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) की उपाधि प्राप्त की तथा कृषि विषय में पीएच.डी. पूर्ण की। सामाजिक विज्ञान और कृषि — दो प्रतीत होने वाले भिन्न क्षेत्रों — में उनकी गहरी समझ ने उन्हें एक अनूठा दृष्टिकोण दिया, जिसकी सहायता से वे समाज की वास्तविक समस्याओं को करीब से देखने और उनके समाधान के लिए कार्य करने की प्रेरणा पा सके। "वर्ष 2024 में ग्लोबल यूनिवर्सिटी ऑफ बॉस्टन द्वारा कृषि संकाय में मानद उपाधि (Honorary Doctorate) प्रदान कर गोवा में आयोजित गरिमामय समारोह में सम्मानित किया गया। यह सम्मान समाज सेवा, कृषि क्षेत्र में योगदान तथा जनहित के प्रति उनके समर्पित कार्यों के लिए प्रदान किया गया।"
सामाजिक कार्य के अध्ययन ने उन्हें मानव व्यवहार, समुदाय की गतिशीलता और सामाजिक न्याय की गहरी समझ दी, वहीं कृषि शोध ने उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों की चुनौतियों और खेती से जुड़ी नीतियों की बारीक जानकारी प्रदान की। यही दोहरी विशेषज्ञता उन्हें अन्य पत्रकारों से अलग खड़ा करती है — वे केवल घटनाओं की रिपोर्टिंग नहीं करते, बल्कि हर मुद्दे को सामाजिक और आर्थिक परिप्रेक्ष्य से भी परखते हैं। वर्ष 2024 में सामाजिक सेवा एवं कृषि क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें ग्लोबल यूनिवर्सिटी ऑफ बॉस्टन द्वारा कृषि संकाय में मानद उपाधि (Honorary Degree) से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान गोवा में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया, जो उनके उत्कृष्ट कार्यों, समाज के प्रति समर्पण तथा जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।"
पत्रकारिता की यात्रा
पत्रकारिता के क्षेत्र में डॉ. शर्मा ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वे सत्य, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले पत्रकार के रूप में जाने जाते हैं। उनका मानना है कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति एक निर्भीक और ईमानदार पत्रकारिता है। उन्होंने हमेशा अपनी लेखनी को समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और कामचोरी के विरुद्ध एक प्रभावशाली हथियार के रूप में उपयोग किया है। उनके समाचार और लेख केवल घटनाओं का वर्णन नहीं करते, बल्कि व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास भी करते हैं।
वर्षों की मेहनत और निरंतर संघर्ष के बाद डॉ. शर्मा ने पत्रकारिता जगत में एक विश्वसनीय नाम अर्जित किया। स्थानीय स्तर की समस्याओं से लेकर व्यापक सामाजिक मुद्दों तक, उन्होंने हर विषय को उतनी ही गंभीरता और ईमानदारी से उठाया। जनसाधारण के बीच उनकी विश्वसनीयता का मुख्य कारण यह रहा कि उन्होंने कभी भी सत्य से समझौता नहीं किया, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न रही हों।
कृषि क्षेत्र में उनके योगदान को भी व्यापक पहचान मिली है — देशभर के विभिन्न बैंकों के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) में कृषि एवं पशुपालन विषयों पर प्रशिक्षण देने के लिए उन्हें आमंत्रित किया जाता रहा है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने सैकड़ों ग्रामीण युवाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मार्गदर्शन दिया है, जिससे उनकी पहचान केवल एक पत्रकार तक सीमित न रहकर एक प्रशिक्षक और मार्गदर्शक के रूप में भी स्थापित हुई।
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया, टीम चंडीगढ़ द्वारा कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रशिक्षण हेतु सम्मानित
समाजसेवा
पत्रकारिता के साथ-साथ डॉ. शर्मा समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। वे समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करते हैं। उनका विश्वास है कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब शिक्षा, जागरूकता और सेवा को जीवन का आधार बनाया जाए।
उन्होंने अपने क्षेत्र में कई बार ऐसे अवसरों पर सक्रिय भूमिका निभाई है जहाँ ज़रूरतमंद परिवारों को सहायता, मार्गदर्शन और संबल की आवश्यकता रही। चाहे वह शिक्षा से वंचित बच्चों की मदद हो, या ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाना — डॉ. शर्मा हमेशा आगे बढ़कर योगदान देते रहे हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता और समाजसेवा एक-दूसरे की पूरक हैं; एक जहाँ समस्याओं को उजागर करती है, वहीं दूसरी उनके समाधान की दिशा में सीधा कदम उठाती है।
सम्मान एवं उपलब्धियाँ
उनके उत्कृष्ट कार्यों को विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों ने पहचान दी है:
• वर्ष 2019 में नई दिल्ली में उन्हें प्रतिष्ठित BCR Award (मल्टी टैलेंट पर्सनैलिटी श्रेणी) से सम्मानित किया गया।
• नारायण सेवा संस्थान द्वारा समाज एवं मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु सम्मानित।
• अक्टूबर 2024 में लंदन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा आयोजित एग्रीकल्चर विषय की ऑनलाइन प्रतियोगिता में मात्र 5 मिनट में 89% प्रश्नों के सही उत्तर देकर कीर्तिमान स्थापित किया, जिसे 'प्रथम प्रहरी टाइम्स' सहित कई समाचार-पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।
• रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया, टीम चंडीगढ़ द्वारा कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रशिक्षण हेतु सम्मानित।
लंदन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज — 'प्रथम प्रहरी टाइम्स', 18 अक्टूबर 2024
भारत भूषण सम्मानपत्र — भारतीय महाक्रांति सेना द्वारा राष्ट्रप्रेम हेतु सम्मानित
बहुआयामी व्यक्तित्व
लेखनी और समाजसेवा के अतिरिक्त डॉ. शर्मा की रुचि अभिनय एवं मीडिया के अन्य आयामों में भी रही है। श्योपुर निवासी राम नरेश शर्मा के बॉलीवुड में पदार्पण की खबरें भी समाचार-पत्रों में प्रकाशित हुई हैं, जिसमें टी-टाइम म्यूज़िक इंडस्ट्री के एक एल्बम व पंजाबी गीत में उनके काम की चर्चा हुई।
श्योपुर निवासी राम नरेश शर्मा का बॉलीवुड में पदार्पण — समाचार कवरेज
पारिवारिक जीवन एवं रुचियाँ
डॉ. शर्मा के व्यक्तित्व का एक महत्वपूर्ण पक्ष उनका पारिवारिक जीवन भी है। वे अपने माता-पिता के संस्कारों को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं और मानते हैं कि उनकी हर उपलब्धि की नींव उन्हीं संस्कारों में छिपी है। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कृष्णा गौतम तथा पुत्री मान्या शर्मा उनके जीवन की प्रेरणा और शक्ति हैं। परिवार के सहयोग ने उन्हें हर परिस्थिति में आगे बढ़ने का साहस दिया है, और वे स्वयं मानते हैं कि पारिवारिक समर्थन के बिना उनकी यह यात्रा इतनी सहज नहीं होती।
व्यस्त जीवन के बावजूद वे संगीत सुनना, क्रिकेट देखना तथा समाजसेवा जैसे कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं। संगीत उनके लिए एक ऐसा माध्यम है जो व्यस्त और तनावपूर्ण दिनचर्या के बीच मानसिक शांति प्रदान करता है, जबकि क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उन्हें टीम भावना और खेल-भावना का महत्व सिखाता है। उनका मानना है कि जीवन में संतुलन, संवेदनशीलता और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही व्यक्ति को महान बनाती है — पेशेवर उपलब्धियाँ तभी सार्थक हैं जब उनके साथ व्यक्तिगत मूल्यों और रिश्तों की गरिमा भी बनी रहे।
जीवन का संदेश
आज डॉ. राम नरेश शर्मा केवल एक पत्रकार नहीं, बल्कि जनविश्वास की आवाज़, सामाजिक चेतना के प्रहरी और सत्य की राह पर चलने वाले एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि जब ज्ञान, ईमानदारी और सेवा का संकल्प एक साथ जुड़ते हैं, तब एक व्यक्ति लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
उनका लक्ष्य केवल समाचार प्रकाशित करना नहीं, बल्कि समाज में न्याय, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना है। वे मानते हैं कि हर पत्रकार के भीतर एक ज़िम्मेदारी होती है — सच को सामने लाने की, चाहे परिणाम कुछ भी हों। यही सोच उन्हें एक सामान्य रिपोर्टर से एक सामाजिक विचारक और मार्गदर्शक के स्तर तक ले जाती है।
वे आने वाली पीढ़ी के लिए यह संदेश छोड़ते हैं कि सच्ची सफलता पद या प्रसिद्धि से नहीं, बल्कि समाज के लिए किए गए ईमानदार कार्यों से प्राप्त होती है। उनके अनुसार, हर व्यक्ति के भीतर बदलाव लाने की क्षमता होती है — बस ज़रूरत है निष्ठा, धैर्य और निरंतरता की। डॉ. राम नरेश शर्मा का जीवन इसी विश्वास का जीता-जागता प्रमाण है।
"कलम की असली ताकत सत्ता की प्रशंसा में नहीं, बल्कि सत्य के पक्ष में निर्भीक होकर खड़े होने में है। जब शब्द समाज के हित में लिखे जाते हैं, तब वे इतिहास बदलने की क्षमता रखते हैं।"
संक्षिप्त परिचय (Profile)
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पूरा नाम |
डॉ. राम नरेश शर्मा |
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जन्मस्थान |
ग्राम रायपुरा, जिला श्योपुर, मध्य प्रदेश, भारत |
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शिक्षा |
एम.एस.डब्ल्यू. (MSW), कृषि विषय में पीएच.डी. |
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व्यवसाय |
पत्रकार, समाजसेवी एवं कृषि शोधकर्ता |
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विशेष रुचियाँ |
संगीत, क्रिकेट, समाजसेवा |
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कौशल |
खोजी एवं जनहित पत्रकारिता |
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जीवन लक्ष्य |
अपनी कलम के माध्यम से भ्रष्टाचार, अन्याय और कामचोरी के विरुद्ध आवाज़ उठाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना। |
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प्रमुख सम्मान |
BCR Award 2019 (नई दिल्ली), नारायण सेवा संस्थान सम्मान, लंदन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (2024), RBI चंडीगढ़ प्रशिक्षण सम्मान |
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परिवार |
माता-पिता, धर्मपत्नी श्रीमती कृष्णा गौतम एवं पुत्री मान्या शर्मा |