डॉ शरद कुमार शंखधार
भाग–1 : प्रारंभिक जीवन, शिक्षा एवं पत्रकारिता की शुरुआत
डॉ शरद कुमार शंखधार
डॉ शरद कुमार शंखधार (जन्म: 21 अक्टूबर 1968, बदायूँ, उत्तर प्रदेश) एक भारतीय हिंदी पत्रकार, संपादक, साहित्यकार एवं डिजिटल मीडिया उद्यमी हैं। वे लगभग चार दशकों से हिंदी पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं। अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने देश के विभिन्न राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक समाचार-पत्रों में संवाददाता, विशेष संवाददाता, ब्यूरो प्रभारी, उप-संपादक, वरिष्ठ उप-संपादक, मुख्य उप-संपादक, स्थानीय संपादक तथा प्रधान संपादक सहित अनेक संपादकीय दायित्वों का निर्वहन किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र तथा जम्मू-कश्मीर सहित पाँच राज्यों के लगभग 25 जनपदों में पत्रकारिता की है।
प्रारंभिक जीवन
डॉ. शरद कुमार शंखधार का जन्म 21 अक्टूबर 1968 को उत्तर प्रदेश के बदायूँ जनपद में हुआ। जब वे लगभग दो वर्ष के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद उनका पालन-पोषण उनके दादा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय श्री पी. एस. शंखधार ने किया।
श्री पी. एस. शंखधार स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हिंदी एवं अंग्रेज़ी के अनेक समाचार-पत्रों से जुड़े रहे। वे एक साथ कई समाचार-पत्रों के संवाददाता रहे और पत्रकारिता के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान दिया। उनके योगदान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें स्वतंत्रता सेनानी पेंशन प्रदान की गई।
दादा के संरक्षण में डॉ. शंखधार का बचपन साहित्य, राष्ट्रसेवा और पत्रकारिता के वातावरण में बीता। इसी परिवेश का उनके व्यक्तित्व एवं भविष्य के व्यावसायिक जीवन पर प्रभाव पड़ा।
शिक्षा
डॉ. शरद कुमार शंखधार ने हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की उपाधि प्राप्त की। छात्र जीवन के दौरान उनकी रुचि साहित्य, पत्रकारिता, समसामयिक विषयों तथा सामाजिक गतिविधियों में रही। उन्होंने हिंदी साहित्य, आलोचना, भाषा-विज्ञान और समकालीन लेखन का अध्ययन किया, जिसका प्रभाव उनके बाद के पत्रकारिता और साहित्यिक लेखन में देखा जाता है।
छात्र जीवन एवं सामाजिक सक्रियता
छात्र जीवन में वे विभिन्न सामाजिक एवं छात्र संगठनों से जुड़े रहे। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सक्रिय कार्यकर्ता रहे। बाद में भारतीय जनता युवा मोर्चा में जिला उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) में उपाध्यक्ष तथा युवक कांग्रेस में भी उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उन्होंने सहकारिता क्षेत्र में भी एक सहकारी संस्था के सभापति के रूप में दायित्व निभाया।
इन संगठनों में कार्य करने से उन्हें सामाजिक, प्रशासनिक तथा राजनीतिक विषयों को निकट से समझने का अवसर मिला।
पत्रकारिता की शुरुआत
डॉ. शंखधार ने वर्ष 1989 में हिंदी दैनिक वीर अर्जुन से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की। प्रारंभिक वर्षों में उन्होंने उत्तर प्रदेश और दिल्ली में रिपोर्टिंग का कार्य किया।
इसी अवधि में उत्तर प्रदेश में उर्दू को द्वितीय राजभाषा घोषित किए जाने के बाद उत्पन्न सामाजिक एवं सांप्रदायिक तनाव से संबंधित घटनाओं की उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग की। पत्रकारिता के शुरुआती दौर में ही उन्होंने तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की पुष्टि तथा निष्पक्ष समाचार लेखन पर विशेष ध्यान दिया।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण
डॉ. शरद कुमार शंखधार का कार्यक्षेत्र प्रारंभ से ही जनसरोकारों पर केंद्रित रहा। उन्होंने पत्रकारिता को केवल समाचार संकलन का माध्यम न मानकर सामाजिक उत्तरदायित्व और जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी। उनके प्रारंभिक कार्यकाल ने आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर की पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व तथा डिजिटल मीडिया में उनकी भूमिका की आधारशिला रखी।
यह भी देखें
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हिंदी पत्रकारिता
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भारत में पत्रकारिता
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हिंदी साहित्य
डॉ शरद कुमार शंखधार
भाग–2 : राष्ट्रीय पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व एवं प्रमुख रिपोर्टिंग
राष्ट्रीय पत्रकारिता में विस्तार
वर्ष 1989 में पत्रकारिता की शुरुआत के बाद डॉ. शरद कुमार शंखधार ने हिंदी पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। लगभग चार दशकों के व्यावसायिक जीवन में उन्होंने अनेक राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक समाचार संस्थानों में रिपोर्टिंग, संपादन, समाचार प्रबंधन तथा संपादकीय नेतृत्व से जुड़े दायित्व निभाए।
उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन में संवाददाता, विशेष संवाददाता, ब्यूरो प्रभारी, उप-संपादक, वरिष्ठ उप-संपादक, मुख्य उप-संपादक, स्थानीय संपादक तथा प्रधान संपादक सहित विभिन्न पदों पर कार्य किया। इस अवधि में वे समाचार संकलन, तथ्य सत्यापन, विशेष रिपोर्ट, संपादकीय लेखन, समाचार विश्लेषण, पृष्ठ योजना तथा समाचार कक्ष (न्यूज़रूम) संचालन से जुड़े रहे।
विभिन्न समाचार संस्थानों में कार्य
डॉ. शरद कुमार शंखधार ने अपने पत्रकारिता जीवन के दौरान कई प्रमुख समाचार संस्थानों के साथ कार्य किया। इनमें वीर अर्जुन, लोकमत (नागपुर), स्वतंत्र भारत, अमर उजाला, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान तथा सांध्य टाइम्स (टाइम्स ऑफ इंडिया समूह) सहित अन्य समाचार संस्थान शामिल हैं।
विभिन्न संस्थानों में कार्य करते हुए उन्होंने स्थानीय समाचारों से लेकर राज्य एवं राष्ट्रीय महत्व के विषयों की रिपोर्टिंग की। संपादकीय दायित्वों के दौरान वे समाचारों के चयन, तथ्यात्मक शुद्धता, भाषा संपादन तथा प्रकाशन प्रक्रिया से जुड़े रहे।
पाँच राज्यों में कार्य
डॉ. शरद कुमार शंखधार का पत्रकारिता कार्यक्षेत्र उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र तथा जम्मू-कश्मीर सहित पाँच राज्यों में पत्रकारिता की।
इन राज्यों में कार्य करने के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों, नगरों, महानगरों तथा सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित सामाजिक, प्रशासनिक, राजनीतिक और विकासात्मक विषयों पर समाचार संकलन किया। लगभग 25 जनपदों में कार्य करने के कारण उन्हें विभिन्न क्षेत्रों की प्रशासनिक व्यवस्था, स्थानीय समस्याओं तथा सामाजिक परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।
महाराष्ट्र में पत्रकारिता
वर्ष 1993 में वे दैनिक लोकमत से जुड़े और नागपुर (महाराष्ट्र) में कार्य किया। इस अवधि में उन्होंने महाराष्ट्र की सामाजिक, राजनीतिक तथा प्रशासनिक गतिविधियों पर समाचार संकलन एवं संपादकीय कार्य किया।
उत्तर भारत से बाहर पत्रकारिता करने का अनुभव उनके व्यावसायिक जीवन का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इससे उन्हें विभिन्न भाषायी और सांस्कृतिक परिवेश में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ।
उत्तर भारत में संपादकीय दायित्व
महाराष्ट्र में कार्य करने के पश्चात उन्होंने पुनः उत्तर भारत में विभिन्न समाचार संस्थानों के साथ कार्य किया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा दिल्ली में समाचार संपादन, ब्यूरो संचालन तथा संपादकीय नेतृत्व की जिम्मेदारियाँ निभाईं।
समाचार कक्ष में उन्होंने समाचारों की प्राथमिकता निर्धारण, भाषा संपादन, पृष्ठ योजना तथा प्रकाशन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में कार्य किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने नए पत्रकारों के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में भी योगदान दिया।
प्रमुख ग्राउंड रिपोर्टिंग
डॉ. शरद कुमार शंखधार ने अपने पत्रकारिता जीवन के दौरान अनेक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं राजनीतिक घटनाओं की ग्राउंड रिपोर्टिंग की।
उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव
वर्ष 1989 में उत्तर प्रदेश में उर्दू को द्वितीय राजभाषा घोषित किए जाने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में सांप्रदायिक तनाव एवं कर्फ्यू की स्थिति उत्पन्न हुई। इस दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों से समाचार संकलित किए और घटनाओं की ग्राउंड रिपोर्टिंग की।
रामजन्मभूमि–बाबरी मस्जिद विवाद
1990 के दशक में रामजन्मभूमि–बाबरी मस्जिद विवाद के बाद देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पन्न सांप्रदायिक तनाव और दंगों के दौरान उन्होंने संबंधित घटनाओं का समाचार कवरेज किया। इस अवधि में उन्होंने घटनास्थलों से प्रत्यक्ष जानकारी एकत्र कर समाचार प्रकाशित किए।
जम्मू-कश्मीर में रिपोर्टिंग
वर्ष 2011–12 के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, सुरक्षा व्यवस्था तथा स्थानीय परिस्थितियों से जुड़े विषयों पर ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय परिस्थितियों, प्रशासनिक गतिविधियों तथा सुरक्षा से संबंधित समाचारों का संकलन किया।
कोविड-19 महामारी
वर्ष 2019 से 2021 के बीच कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अस्पतालों, स्वास्थ्य विभाग, प्रशासनिक गतिविधियों, क्वारंटीन केंद्रों तथा प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित समाचारों का संकलन किया। इस अवधि में उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य विषय जनस्वास्थ्य, प्रशासनिक व्यवस्था तथा महामारी से संबंधित सरकारी प्रयास रहे।
जनसरोकार आधारित पत्रकारिता
डॉ. शरद कुमार शंखधार ने अपने पत्रकारिता जीवन में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, यातायात, पर्यावरण, ग्रामीण विकास तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषयों पर नियमित रूप से कार्य किया।
विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में उन्होंने स्थानीय समस्याओं को समाचार माध्यमों के द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किया। उनकी रिपोर्टिंग में प्रशासनिक जवाबदेही, नागरिक सुविधाएँ तथा जनहित से जुड़े विषय प्रमुख रहे।
संपादकीय नेतृत्व
पत्रकारिता के लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने विभिन्न समाचार संस्थानों में संपादकीय नेतृत्व की भूमिका निभाई। इस दौरान वे समाचार चयन, तथ्य सत्यापन, भाषा संपादन, पृष्ठ योजना, समाचार गुणवत्ता, संपादकीय नीति तथा प्रकाशन प्रक्रिया से जुड़े कार्यों का संचालन करते रहे।
उन्होंने पत्रकारिता में समाचार और विचार के पृथक्करण, तथ्यों की पुष्टि तथा स्रोतों की विश्वसनीयता पर विशेष बल दिया। उनके नेतृत्व में अनेक युवा पत्रकारों ने विभिन्न समाचार संस्थानों में कार्य किया।
तकनीकी परिवर्तन
डॉ. शरद कुमार शंखधार उन पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय प्रिंट पत्रकारिता से लेकर डिजिटल पत्रकारिता तक के तकनीकी परिवर्तन का अनुभव किया।
उन्होंने टाइपराइटर आधारित समाचार लेखन, लेटरप्रेस एवं ऑफसेट प्रिंटिंग, कंप्यूटर आधारित संपादन, डेस्कटॉप पब्लिशिंग, इंटरनेट पत्रकारिता, ऑनलाइन समाचार पोर्टल, सोशल मीडिया तथा मोबाइल पत्रकारिता के विभिन्न चरणों में कार्य किया।
व्यावसायिक दृष्टिकोण
अपने पत्रकारिता जीवन के दौरान उन्होंने तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, निष्पक्ष समाचार लेखन, संपादकीय अनुशासन तथा जनहित को प्राथमिकता देने की बात कही। उनका कार्यक्षेत्र समाचार संकलन, संपादन, मीडिया प्रबंधन तथा पत्रकारिता प्रशिक्षण तक विस्तृत रहा।
लगभग चार दशकों की पत्रकारिता यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों, समाचार संस्थानों और संपादकीय भूमिकाओं में कार्य करते हुए हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दिया।
डॉ शरद कुमार शंखधार
भाग–3 : साहित्य, डिजिटल मीडिया, सामाजिक कार्य एवं सम्मान
साहित्यिक योगदान
पत्रकारिता के साथ-साथ डॉ. शरद कुमार शंखधार हिंदी साहित्य से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने कविता, कहानी, निबंध, फीचर, संस्मरण तथा समसामयिक विषयों पर लेखन किया है। उनके अनुसार पत्रकारिता और साहित्य दोनों सामाजिक अभिव्यक्ति के माध्यम हैं तथा दोनों का उद्देश्य समाज में संवाद, जागरूकता और विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है।
लगभग चार दशकों के दौरान उनकी दो हजार से अधिक रचनाएँ विभिन्न राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं तथा साहित्यिक मंचों पर प्रकाशित हुई हैं। उनके लेखन में सामाजिक परिवर्तन, ग्रामीण जीवन, प्रशासन, समसामयिक घटनाएँ, मानवीय संवेदनाएँ, लोकतंत्र तथा सार्वजनिक जीवन से जुड़े विषय प्रमुख रहे हैं।
उनकी प्रकाशित कृतियों में ओस की बूँद (काव्य संग्रह), स्वाभिमान (कहानी संग्रह) तथा तबादला शामिल हैं। इन पुस्तकों में सामाजिक सरोकारों, मानवीय संबंधों तथा समकालीन परिस्थितियों पर आधारित रचनाएँ संकलित हैं।
डिजिटल पत्रकारिता
प्रिंट मीडिया के लंबे अनुभव के बाद डॉ. शरद कुमार शंखधार ने डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कार्य किया। उन्होंने SKS24News की स्थापना की और इसके प्रधान संपादक के रूप में कार्यभार संभाला।
SKS24News के माध्यम से स्थानीय, क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय समाचारों के डिजिटल प्रकाशन का कार्य किया जाता है। इस मंच पर समाचार, विशेष रिपोर्ट, वीडियो समाचार, सामाजिक विषय तथा समसामयिक घटनाओं से संबंधित सामग्री प्रकाशित की जाती है।
डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता के अनुभव को ऑनलाइन समाचार माध्यमों के साथ जोड़ने का प्रयास किया। समाचारों के डिजिटल प्रकाशन, ऑनलाइन संपादन तथा सोशल मीडिया आधारित समाचार प्रसार में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।
वर्ष 2020 से वे अमर उजाला के बिजनेस एसोसिएट के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे मीडिया प्रबंधन एवं व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
सामाजिक कार्य
पत्रकारिता के अतिरिक्त डॉ. शरद कुमार शंखधार विभिन्न सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक सहयोग तथा जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया है।
वे कैंसर जांच शिविरों, स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों तथा सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन एवं सहयोग से जुड़े रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों से वे मकर संक्रांति के अवसर पर जरूरतमंद लोगों के लिए कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन करते रहे हैं। यह कार्यक्रम सामाजिक सहयोग और जनभागीदारी के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।
पत्रकारिता में मार्गदर्शन
पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे अनुभव के आधार पर डॉ. शरद कुमार शंखधार ने अनेक युवा पत्रकारों का मार्गदर्शन किया है। विभिन्न समाचार संस्थानों में संपादकीय दायित्व निभाते हुए उन्होंने समाचार लेखन, तथ्य सत्यापन, संपादन तथा पत्रकारिता के व्यावसायिक मानकों पर कार्य किया।
वे समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि तथा स्रोतों की विश्वसनीयता को पत्रकारिता का महत्वपूर्ण आधार मानते हैं। संपादकीय कार्य के दौरान उन्होंने समाचार और विचार के पृथक्करण पर भी बल दिया।
सम्मान एवं मान्यता
पत्रकारिता, साहित्य तथा सामाजिक योगदान के लिए डॉ. शरद कुमार शंखधार को विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है।
वर्ष 2024 में डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में योगदान के लिए दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें अभिनेत्री अमीषा पटेल द्वारा सम्मानित किया गया।
वर्ष 2025 में अमेरिका स्थित Cedarbrook University द्वारा हिंदी पत्रकारिता, साहित्य एवं सार्वजनिक जीवन में योगदान के लिए उन्हें Honorary Doctor of Philosophy (Ph.D.) की मानद उपाधि तथा स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता, चिकित्सा, विधि, व्यापार तथा सामाजिक क्षेत्र से संबंधित लगभग 42 संस्थाओं द्वारा उनका सार्वजनिक अभिनंदन किया गया।
इसके अतिरिक्त उन्हें पत्रकारिता, साहित्य, डिजिटल मीडिया तथा सामाजिक कार्यों के लिए विभिन्न राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संस्थाओं द्वारा अनेक सम्मान, प्रशस्ति-पत्र तथा स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए हैं।
सार्वजनिक जीवन
पत्रकारिता, साहित्य और डिजिटल मीडिया के अतिरिक्त डॉ. शरद कुमार शंखधार विभिन्न सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं। वे मीडिया, पत्रकारिता, लोकतंत्र, भाषा, साहित्य तथा सामाजिक विषयों पर आयोजित संगोष्ठियों और कार्यक्रमों में सहभागिता करते रहे हैं।
उन्होंने पत्रकारिता में तकनीकी परिवर्तन, डिजिटल समाचार माध्यमों तथा मीडिया की बदलती भूमिका पर भी कार्य किया है।
विरासत
डॉ. शरद कुमार शंखधार लगभग चार दशकों से हिंदी पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं। उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता से लेकर डिजिटल मीडिया तक के विभिन्न चरणों में कार्य किया है।
उनका कार्यक्षेत्र पाँच राज्यों, अनेक समाचार संस्थानों, संपादकीय नेतृत्व, साहित्यिक लेखन, सामाजिक गतिविधियों तथा डिजिटल पत्रकारिता तक विस्तृत रहा है। पत्रकारिता और साहित्य में उनके योगदान के कारण वे हिंदी मीडिया से जुड़े सार्वजनिक व्यक्तित्वों में गिने जाते हैं।
प्रकाशित कृतियाँ
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ओस की बूँद (काव्य संग्रह)
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स्वाभिमान (कहानी संग्रह)
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तबादला
कार्यक्षेत्र
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हिंदी पत्रकारिता
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संपादन
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डिजिटल मीडिया
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साहित्य
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सामाजिक सेवा
यह भी देखें
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हिंदी पत्रकारिता
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भारतीय पत्रकारिता
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हिंदी साहित्य
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डिजिटल पत्रकारिता
संदर्भ
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